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  • इंजीनियरों की नौकरी छीन रही है सरकार: अनुपम

    इंजीनियरों की नौकरी छीन रही है सरकार: अनुपम

    प्रेस नोट, नयी दिल्ली
    23 फरवरी 2022

    इंजीनियरों की नौकरी छीन रही है सरकार: अनुपम

    जंतर मंतर पर बेरोज़गार इंजीनियरों का हल्ला बोल

    ‘युवा हल्ला बोल’ अध्यक्ष अनुपम ने दिल्ली के जंतर मंतर पर इंजीनियरों की आवाज़ बुलंद की

    देश में बेरोज़गारी को राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बनाने वाले युवा नेता अनुपम ने दिल्ली की जंतर मंतर पर बेरोज़गार इंजीनियरों की आवाज़ बुलंद की। अनुपम ने प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि देशभर के इंजीनियर एकजुट हो जाएं तो युवा-विरोधी सरकारों के होश ठिकाने ला सकती है।

    मामला दरअसल रेलवे द्वारा ‘ग्रुप ए’ इंजीनियर्स के पदों को इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा से न कराकर सिविल सेवा परीक्षा 2022 से कराने का है। ‘युवा हल्ला बोल’ के राष्ट्रीय महासचिव रजत यादव ने कहा कि सरकार के इस कदम से छात्र ही नहीं, रेलवे का भी नुकसान होगा। इस मामले को लेकर सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर अभ्यर्थी आंदोलित हैं। विरोध प्रदर्शन के क्रम में आज बड़ी संख्या में इंजीनियरों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में ‘युवा हल्ला बोल’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम समेत तमाम कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

    बता दें कि वर्ष 2019 तक रेलवे की ग्रुप-ए इंजीनियर की भर्तियों के लिए यूपीएससी की दो संयुक्त भर्तियां कराई जाती थी जिस नियम को 2019 में बदल कर आईआरएमएस बनाने का निर्णय लिया गया। रेलवे में ग्रुप-ए नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं ने पिछले 3 साल से आईआरएमएस का इंतजार किया लेकिन भर्ती नहीं निकाली गयी।

    आंदोलन में अहम भूमिका निभा रहे शिक्षक रामतीरथ ने बताया कि सरकार ने आईआरएमएस के डेढ़ सौ पदों को यूपीएससी की 2022 संयुक्त परीक्षा से भर्ती करने की घोषणा की है। जिसके विरोध में देशभर के रेलवे भर्ती के इंजीनियर अभ्यर्थी आंदोलित हैं।

    बेरोजगार इंजीनियरों को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए ‘युवा हल्ला बोल’ संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि यह सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। मुनाफा कमाने वाले उपक्रमों को बेचा जा रहा है और घाटे में चल रही कंपनियों को खरीदा जा रहा। इसी कारण चंद लोगों अमीर होते जा रहे और आम जनता गरीबी बेरोज़गारी महँगाई के शिकार हो रहे। सरकार अब रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर चुकी है, इसी कारण से रेलवे में नौकरियां नहीं दी जा रही। अनुपम ने कहा कि वो इस सरकार की युवा-विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे और जीतेंगे।

  • मॉडल कोड लागू करो, 9 महीने में नौकरी दो!

    मॉडल कोड लागू करो, 9 महीने में नौकरी दो!

    Yuva Halla Bol proposes to implement a Model Examination Code in order to accomplish the two-fold objective of addressing inordinate delays in job recruitment process as well as minimising irregularities and corruption in examinations. Implementation of this Exam Code will ensure that every recruitment process is completed within a maximum time limit of 9 months. The Code also addresses the systemic flaws which lead to irregularities and corruption in the system greenstore.com.ua.

  • Hum Desh Nahin Bikne Denge

    Hum Desh Nahin Bikne Denge

    ‘Hum Desh Nahin Bikne Denge’ campaign has been lauched to oppose the policy to hand over profit-making Government undertakings to private hands for political gains.

    ‘Yuva Halla Bol’ has launched a campaign against the policy of handing over decades of blood and sweat and hard earned national wealth, public undertakings and banks to some big capitalists by selling them.
    It has become clear from the policy and intention of the government that there is a preparation to hand over our national wealth and every institution that makes the country self-reliant to their ‘capitalist friends’. That’s why the time has come for everyone to unite and say we will not allow this country to be sold (हम देश नहीं बिकने देंगे ).

    The unfortunate thing is that Prime Minister Modi had come to power with the slogan “Main Desh Nahi Bikne Doonga”But he is hell bent to do the opposite. The onus to save the country is on the shoulders of youths of this nation cezar-okna.net.ua.

  • Yuvaon ki UP

    Yuvaon ki UP

    ‘Yuvaon ki UP’ is a campaign aiming at changing the political discourse of UP election from divisive issues of caste & religion to real issues like Padhai Kamai Dawai. Motivated by the successful ‘Bol Bihari’ campaign which was instrumental in shifting the Bihar election on to the issue of unemployment, we have announced this campaign.

    We seriously believe that the current regime thrives on hate politics and divisive issues. Hence, the real challenge is to shift the political battlefield. In order to do that we are running this campaign. Under this campaign we are conducting district wise meetings across Uttar Pradesh and mobilising youth on the issue of Education, Employment and Healthcare. A large number of youth are supporting the campaign and coming along to fight the challenge plenergy-shop.com.ua.

  • डबल इंजिन की सरकार ने युवाओं को डबल धोखा दिया: अनुपम

    डबल इंजिन की सरकार ने युवाओं को डबल धोखा दिया: अनुपम

    प्रेस विज्ञप्ति
    युवा हल्ला बोल
    08 फरवरी 2022

    डबल इंजिन की सरकार ने युवाओं को डबल धोखा दिया: अनुपम

    • युवाओं को रोज़गार की जगह सिर्फ झूठा प्रचार मिला: रजत यादव

    • भाजपा का घोषणापत्र किसी जुमला-पत्र से कम नहीं: प्रशांत कमल

    बेरोज़गारी के खिलाफ चल रहे आंदोलन ‘युवा हल्ला बोल’ की अगुवाई कर रहे अनुपम ने भाजपा घोषणापत्र को जुमला-पत्र बताते हुए कहा कि 2017 में युवाओं से किए वादों पर बुरी तरह फेल होने के बाद भाजपा को अब घोषणापत्र जारी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने युवाओं से जितने भी वादे किए वो पूरा नहीं कर पायी और प्रदेश के युवाओं को बेरोज़गारी के अंधकार में धकेल दिया है।

    अनुपम ने कहा कि पिछले पाँच साल में रोज़गार करने लायक लोगों की संख्या तो प्रदेश में बढ़ी है, लेकिन रोज़गार कर रहे लोगों की संख्या कम हो गयी। इतना ही नहीं, रोज़गार ढूंढ रहे युवाओं की संख्या भी घट गयी है। मतलब कि उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी तो बढ़ी ही है, युवाओं में रोज़गार पाने को लेकर नाउम्मीदी भी बेतहाशा बढ़ी है। इसी हताशा का नतीजा है कि आए दिन बेरोज़गार युवाओं के आत्महत्या की खबरें आती रहती हैं।

    उक्त बातें ‘युवा हल्ला बोल’ संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने मेरठ कैंट में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही। अनुपम ने कई बिंदुओं पर सरकार को घेरते हुए उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की भाजपा सरकार ने युवाओं को डबल धोखा दिया है।

    • योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल से पहले दिसंबर 2016 में जहाँ 5 करोड़ 75 लाख 19 हज़ार लोग रोजगार कर रहे थे, वहीं आज यह संख्या घटकर 5 करोड़ 59 लाख 76 हज़ार हो गई है

    • इतना ही नहीं, नौकरी करने की चाहत रखने वालों की संख्या भी पिछले पाँच साल में 6 करोड़ 25 लाख से घटकर 5 करोड़ 88 लाख हो गई जबकि नौकरी करने योग्य लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है

    • भाजपा के इन 5 साल के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के ग्रेजुएट युवाओं में बेरोजगारी दर बढ़कर दुगुनी हो गई है

    • वादा किया कि सरकार बनते ही 90 दिनों के अंदर सभी रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे, लेकिन 5 साल बाद भी 5 लाख से अधिक पद रिक्त हैं

    • प्रचार में 5 लाख सरकारी नौकरी का दावा करने वाली सरकार आरटीआई के जवाब में इन्हीं नौकरियों का विभागवार ब्यौरा नहीं दे पाती है

    • प्रदेश सरकार के स्कूलों में तीन लाख से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त होने के बावजूद पाँच वर्षों के कार्यकाल में एक भी नयी शिक्षक भर्ती नहीं निकली

    • भर्तियों में लेटलतीफी, भ्रष्टाचार और अनियमितता का यह आलम है कि प्रदेश में कम से कम एक दर्जन पेपर लीक हुए और अकेले यूपीएसएसएससी की कुल 21 भर्तियाँ लंबित हैं

    इस चिंताजनक परिस्थिति के लिए अनुपम ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को सीधे तौर पर दोषी ठहराया और कहा कि डबल इंजिन की सरकार ने युवाओं के साथ डबल धोखा किया है। राज्य से लेकर केंद्र तक की भाजपा सरकार युवाओं की आशाओं आकांक्षाओं के प्रति संवेदनहीन रही हैं।

    ‘युवा हल्ला बोल’ के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी रजत यादव ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के कार्यकाल में युवाओं को रोज़गार के नाम पर सिर्फ झूठा प्रचार मिला है। यह झूठा प्रचारतंत्र प्रदेश ही नहीं दिल्ली बैंगलोर समेत देश भर में चलाया गया। रोज़गार देने की बजाए जनता का पैसा झूठे प्रचार में बहाने को लेकर रजत यादव ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए युवाओं से ‘पढ़ाई कमाई दवाई’ के मुद्दों पर वोट करने की अपील की।

    रजत यादव ने बताया कि वो पहले दिन से ही उत्तर प्रदेश के चुनावों को युवाओं के एजेंडे पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के तहत ‘युवाओं की यूपी’ मुहिम की शुरुआत की गयी है जिसके जरिए प्रदेश भर में चौपालों का आयोजन किया गया है।

    आंदोलन के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत कमल ने भी प्रेस वार्ता को संबोधित किया और भाजपा नेता अमित शाह द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र को जुमला-पत्र की संज्ञा दी। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा घोषणापत्र के लिखित वादों को याद दिलाते हुए प्रशांत कमल ने कहा कि युवाओं को डबल इंजिन की सरकार ने डबल धोखा दिया है। लेकिन देश का बेरोज़गार युवा अब सरकार की अक्षमता और संवदेनहीनता के खिलाफ आवाज़ उठाने लगा है। अगर सरकारों को अब भी होश नहीं आया तो आने वाले समय में रोज़गार के लिए बड़े युवा आंदोलन की तैयारी होगी।

    संपर्क: 7080963929

  • रेलवे NTPC Group D प्रदर्शन

    रेलवे NTPC Group D प्रदर्शन

    प्रेस नोट: 6 फरवरी 2022

    रेलवे NTPC Group D प्रदर्शन

    • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अनुपम का पत्र

    • रेलवे भर्ती आंदोलन में गिरफ्तार हुए छात्रों के रिहाई की मांग

    • छात्रों पर हुए मुकदमे वापिस ले सरकार: अनुपम

    पटना, बिहार: देशभर में बेरोज़गारी के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले युवा हल्ला बोल के संस्थापक अनुपम ने आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माँग की है की वे छात्रों पर हुए केस वापस लें। ये मेधावी छात्र जो 24 जनवरी से जेल में हैं। उनकी रिहाई के लिए युवा हल्ला बोल की लीगल टीम लगातार संघर्षरत है।

    बिहार के सभी छात्रों की ये माँग है कि सरकार द्वारा केस वापस लिया जाए।

  • महराजगंज में ‘युवा हल्ला बोल ‘ के स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन

    महराजगंज में ‘युवा हल्ला बोल ‘ के स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन

    प्रेस नोट
    युवा हल्ला बोल
    1 फरवरी 2022

    महराजगंज में ‘युवा हल्ला बोल ‘ के स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन

    पढ़ाई कमाई दवाई को चुनाव का एजेंडा बनाएगा ‘युवा हल्ला बोल ‘ : अशफ़ाक खान

    आज युवाओं के रोजगार को केंद्र में रखकर संघर्ष करने वाले संगठन ‘युवा हल्ला बोल’ कर महाराजगंज में स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अनुपम भैया के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ। उक्त उद्घाटन समारोह में युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री गोविंद मिश्रा राष्ट्रीय महासचिव श्री प्रशांत कमल राष्ट्रीय सचिव श्री अमित प्रकाश और ‘युवा हल्ला बोल’ के जिलाध्यक्ष अशफाक खान जिला कार्यकारिणी के सदस्य वरुण त्रिपाठी रफीक अली, आशीष सोनी, अरुण कनौजिया, अरुण गौतम, विपुल शुक्ला, जयेश पाठक, कवि त्रिपाठी और तमाम साथी उपस्थित रहे
    इस इस मौके पर जिला अध्यक्ष अशफ़ाक खान ने कहा कि ‘पढ़ाई कमाई दवाई’ के मुद्दे को ‘युवा हल्ला बोल’ चुनाव में केंद्र में रखने की पूरी कोशिश करेगा और महाराजगंज के पांचों विधानसभाओं में युवाओं को जागृत करते हुए उनसे इस मुद्दे पर वोट करने की अपील करेंगे। इसके लिए हम व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएंगे और पक्ष विपक्ष दोनों लोगों से पढ़ाई कमाई दवाई के मुद्दे पर ही वोट मांगने और जनता से वोट देने की अपील करेंगे

  • महराजगंज के घुघुली में गाँधी चबूतरे का हुआ शिलान्यास

    महराजगंज के घुघुली में गाँधी चबूतरे का हुआ शिलान्यास

    प्रेस नोट
    युवा हल्ला बोल, महराजगंज
    30 जनवरी 2022

    महराजगंज के घुघुली में गाँधी चबूतरे का हुआ शिलान्यास

    • गाँधी से आज हमें संवाद की संस्कृति सीखने की ज़रूरत: अनुपम

    • गाँधी जी ने सिखाया कि बड़ी से बड़ी ताकत को नैतिक बल और सिद्धांतों से हराया जा सकता है

    महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि पर महराजगंज जिले में घुघुली स्टेशन के पास बरगद वृक्ष के नीचे ‘युवा हल्ला बोल’ ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जहाँ गाँधी जी की प्रतिमा और चबूतरे का शिलान्यास किया गया। ज्ञात हो कि 4 अक्टूबर 1929 को इसी स्थल पर महात्मा गाँधी ने सभा को संबोधित किया था।

    इस मौके पर ‘युवा हल्ला बोल’ के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। देश भर में बेरोज़गारी को अहम मुद्दा बनाने वाले युवा नेता अनुपम ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल पर आज सभा को संबोधित करना सौभाग्य की बात है। गाँधी जी के विचारों को आज के दौर में भी प्रासंगिक बताते हुए अनुपम ने बहुत कुछ सीखने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज उसी संवाद की संस्कृति को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है जो गाँधी जी ने अपनाया था जब वो अपने कट्टर से कट्टर विरोधियों से भी कभी सम्मानजनक संवाद से नहीं भागे। गाँधी ने भारत ही नहीं, पूरे विश्व को आंदोलन करना सिखाया और बड़ी से बड़ी ताकवर सत्ता को नैतिक बल पर जीतने का आत्मबल दिया। उन्हीं से प्रेरणा लेकर अमरीका में मार्टिन लूदर किंग जूनियर का सिविल राइट्स मूवमेंट हुआ, अफ्रीका में नेल्सन मंडेला का एंटी अपरथाइड मूवमेंट हुआ या दलाई लामा का चीन विरोधी आंदोलन हुआ। अनुपम ने बताया कि गाँधी ने दुनिया को लड़ना सिखाया और आज भी हर बड़ी लड़ाई उन्हें याद किए बिना नहीं जीती जाती।

    इनके अलावा एसडीएम मदन मोहन वर्मा ने भी कार्यक्रम में शिरकत करके सभा में आए लोगों को गाँधी जी की आत्मकथा पुस्तक भेंट की। उन्होंने महात्मा गाँधी के जीवन के कई प्रसंग साझा करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर हमारे समाज तक पर गाँधी जी के छाप के बारे में बताया। उन्होंने ‘युवा हल्ला बोल’ को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताया कि आने वाली पीढ़ी गाँधी के विचारों से दूर नहीं जाएगी।

    सिटीजन फोरम के आर.के.मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गाँधी जी ने एक सामान्य नागरिक से महात्मा बनने की प्रक्रिया में बहुत त्याग तपस्या और संघर्ष किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में ‘युवा हल्ला बोल’ के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा ने कहा कि महात्मा गाँधी यदि आज होते तो देश में चल रहे युवा आंदोलन के साथ होते। संगठन के जिलाध्यक्ष अशफ़ाक़ खान ने सुंदरता के साथ पूरे कार्यक्रम का संचालन किया।

    इनके अलावा समाजसेवी विमल पांडेय, दिलीप शुक्ला, शांति शरण मिश्र, ग्राम प्रधान रविन्द्र चौधरी तथा ‘युवा हल्ला बोल’ महासचिव प्रशांत कमल, सचिव अमित प्रकाश, वरुण त्रिपाठी, रफीक, अरुण, अभय, विजय, भानु समेत कई लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

    सम्पर्क : 9838178777

  • ज़िलेवार चौपालों से यह साफ़ नज़र आ रहा है कि युवा इस बार पढ़ाई, कमाई और दवाई जैसे अहम मुद्दों पर करेंगे मतदान |

    ज़िलेवार चौपालों से यह साफ़ नज़र आ रहा है कि युवा इस बार पढ़ाई, कमाई और दवाई जैसे अहम मुद्दों पर करेंगे मतदान |

    प्रेस विज्ञप्ति
    युवा हल्ला बोल
    27 दिसंबर 2021
     
    ज़िलेवार चौपालों से यह साफ़ नज़र आ रहा है कि युवा इस बार पढ़ाई, कमाई और दवाई जैसे अहम मुद्दों पर करेंगे मतदान : गोविंद मिश्रा
    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज मे युवा हल्ला बोल की टीम ने 26 दिसंबर को ‘चौपाल’ का आयोजन किया। युवा हल्ला बोल द्वारा प्रदेश भर में ‘युवाओं की यूपी’ अभियान चलाया जा रहा है। प्रयागराज की ‘चौपाल’ में युवा हल्ला बोल के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा सम्मिलित हुए। चौपाल में मौजूद युवाओं को सम्बोधित करते हुए गोविंद मिश्रा ने कहा कि “सरकार और जन प्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं में रोज़गार देना नहीं है। हमें अपने मुहिम से पढ़ाई, कमाई, दवाई जैसे मुद्दों को राजनीति के केंद्र में लाना होगा और चुनावी बहस का मुख्य मुद्दा बनाना होगा।”
    चौपाल में सचिन यादव, सुरभ यादव, शिवम्, के के सिंह, विकास शुक्ला, विनय, पंकज एवं  अन्य स्थानीय साथी उपस्थित रहें।
    प्रयागराज के बाद सुल्तानपुर में 26 दिसंबर को ‘चौपाल’ का आयोजन किया। जिसमें युवा हल्ला बोल के स्थानीय साथियों के साथ बैंक निजीकरण के ख़िलाफ़ आंदोलित बैंक कर्मचारियों ने भी चौपाल में हिस्सा लिया। बैंक कर्मचारियों ने ‘युवाओं की यूपी’ मुहिम को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर गोविंद मिश्रा ने कहा कि “सरकारी बैंको का बेचा जाना और निजी हाथों में देना बेहद गलत है और युवा हल्ला बोल इसका विरोध करता है।” उन्होंने कहा कि “सरकारी बैंक न सिर्फ सरकार के लिए मुनाफ़ा कमा रहें है बल्कि हज़ारों युवाओं को रोज़गार का मौका भी देते है।”
    सुल्तानपुर की चौपाल में अनुज यादव, अशोक शुक्ला, अजय, रविंद्र, संजीव यादव, आलोक, सुमित, उपेन्द्र, सर्वेश सहित अन्य स्थानीय युवा शामिल हुए।
    सुल्तानपुर के बाद आज अयोधया के बीकापुर में स्थानीय साथियों के साथ युवाओं की यूपी मुहीम को आगे बढ़ाने के लिए चर्चा हुई जिसमें वरिष्ठ सहयोगी हरिओम जी एवं शिवम सहित अन्य शामिल हुए।
    रजत यादव / +91 99118 71314
  • माँ गंगा के आँचल में बनारस में लगी ‘युवा हल्ला बोल’ की चौपाल |

    माँ गंगा के आँचल में बनारस में लगी ‘युवा हल्ला बोल’ की चौपाल |

    प्रेस विज्ञप्ति
    युवा हल्ला बोल
    25 दिसम्बर 2021
     
    माँ गंगा के आँचल में बनारस में लगी ‘युवा हल्ला बोल’ की चौपाल
     
    यूपी चुनाव को उन्मादी मुद्दों की बजाए युवाओं के एजेंडे पर लाया जाएगा : गोविंद मिश्रा
    ‘युवाओं की यूपी’ मुहिम की कड़ी में आज बनारस की अस्सी घाट पर माँ गंगा के आँचल में चौपाल का आयोजन किया गया। इस मौके पर ‘युवा हल्ला बोल’ के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा की उपस्थिति में कई युवा संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मुहिम के 22 प्रश्नों पर चर्चा हुई। गोविंद मिश्रा ने कहा कि 12 जनवरी के बाद बनारस में पढ़ाई कमाई और दवाई के मुद्दों पर युवाओं की पंचायत का आयोजन किया जाएगा। ‘युवा हल्ला बोल के सदस्य और बीएचयू के छात्र नेता दिवाकर ने कहा कि इन 22 सवालों को बनारस के हर चौपाल के माध्यम से सरकार से सवाल किया जाएगा और आने वाले समय में बड़ा युवा आंदोलन खड़ा किया जाएगा देश में। इस चौपाल में हर्षित, राजेश, अमरेन्द्र प्रताप, अर्जुन कुमार, विमल पांडेय, राना रोहित, ओम् शुक्ला, सूरज, धनंजय, रूपेश, शाहिद, अभिषेक, शुभानल्लाह, सत्यम, किशन, अवनीश समेत कई लोग उपस्थित रहे।
    बनारस की चौपाल के बाद 25 दिसम्बर की सुबह 11 बजे ‘युवा हल्ला बोल’ मिर्ज़ापुर की टीम ने चौपाल का आयोजन किया। इस मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में युवा ही तय करेगा यूपी की सत्ता। पढ़ाई, कमाई और दवाई के मुद्दे पर चुनाव होना चाहिए ना कि हिंदू-मुस्लिम या चीन-पाकिस्तान पर। ‘युवा हल्ला बोल’ के साथी विकास दुबे ने कहा कि इस 22 सूत्री सवालों के द्वारा जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछा जाएगा। जिसमें सचिन, पीयूष, आकाश, शिवास, निहाल, मनीष, रतनेश, दिलीप, आदित्य अन्य लोग चर्चा में सम्मिलित हुये।